मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में मध्य प्रदेश की नारकोटिक्स विंग नीमच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार को हुई एक रणनीतिक नाकाबंदी के दौरान विंग ने एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी से भारी मात्रा में अवैध डोडाचूरा बरामद किया है। इस मामले में चौंकाने वाला तथ्य यह है कि गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी स्वयं को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहकारिता प्रकोष्ठ का मनासा विधानसभा प्रभारी बताकर घूम रहा था और गाड़ी पर दल की आधिकारिक नेमप्लेट लगाए था।
नारकोटिक्स विंग नीमच को विश्वसनीय सूत्रों से इनपुट मिला था कि मनासा थाना क्षेत्र के ग्राम चपलाना निवासी ईश्वर लाल राठौर मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप लेकर क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय तस्करों को डिलीवर करने जा रहा है। सूचना में यह भी स्पष्ट किया गया था कि आरोपी ने पुलिस चेकिंग से बचने और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी (MP 09 WB 7163) में अवैध रूप से गहरे काले कांच लगवाए हुए हैं।
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घेराबंदी कर दबोचा, रसूख धरी रह गई
सूचना प्राप्त होते ही नारकोटिक्स विंग के प्रभारी निरीक्षक तेजेन्द्र सिंह सेंगर के नेतृत्व में एक विशेष कार्यबल (टीम) का गठन किया गया। टीम ने चपलाना गांव के निकट रणनीतिक रूप से नाकाबंदी की। इस दौरान जब मुखबिर द्वारा बताई गई सफेद बोलेरो आती दिखाई दी, तो पुलिस बल ने उसे रोक लिया। गाड़ी के बंपर पर ‘विधानसभा प्रभारी सह. प्रकोष्ठ भाजपा मनासा’ की लाल रंग की नेमप्लेट लगी हुई थी। जब सुरक्षा बलों ने वाहन की सघन तलाशी ली, तो उसके भीतर से 45 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ। विंग ने तत्काल मादक पदार्थ और रसूख जमा रही बोलेरो गाड़ी को जब्त कर आरोपी ईश्वर लाल राठौर को अभिरक्षा में ले लिया।
पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी पुलिस
गिरफ्तारी के उपरांत नारकोटिक्स विंग द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह अवैध खेप स्थानीय स्तर पर ही आसपास के क्षेत्र से लोड की गई थी। विंग के अधिकारियों ने इस मामले में केवल मुख्य तस्कर की गिरफ्तारी तक ही सीमित न रहकर, पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
पूछताछ से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस तस्करी नेटवर्क की पूरी चेन को नामजद किया है। इसमें अवैध पदार्थ उपलब्ध कराने वाला मुख्य सप्लायर, परिवहन में सहयोग करने वाला बिचौलिया और जिसे यह खेप बेची जानी थी (रिसीवर)।
इन तीनों अन्य संबंधित व्यक्तियों को भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। नारकोटिक्स विंग का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध किसी भी रसूखदार पृष्ठभूमि से क्यों न हो। फिलहाल फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

आरोपी


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