चोर हो, चोर हो… पांच साल में रास्ता नहीं बनवा पाए, बीजेपी विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को ग्रामीणों ने भगाया – villagers called thief and abuses to bjp mla omprakash sakhlecha for failing to get road built in five years
BJP MLA Omprkash Sakhalecha: जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। इस दौरान उन्हें कार्यक्रम पूरा किए बिना ही लौटना पड़ा है। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
ग्रामीणों ने किया भारी विरोध
दरअसल, जावद विधानसभा क्षेत्र के बांगरेड गांव में रविवार दोपहर को उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय भाजपा विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीण अस्पताल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से नाराज थे। विवाद इतना बढ़ा कि विधायक और उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद विधायक को कार्यक्रम अधूरा छोड़कर गाड़ी में बैठकर वहां से निकलना पड़ा। इस दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
भाषण शुरू होते ही सड़क को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, बांगरेड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन का लोकार्पण कार्यक्रम रखा गया था। विधायक ओमप्रकाश सखलेचा इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही विधायक मंच पर आए और उन्होंने विकास कार्यों को लेकर बोलना शुरू किया, वहां मौजूद ग्रामीणों ने सड़क का मुद्दा उठा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल की बिल्डिंग तो बनाई जा रही है, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह कच्चा और कीचड़ से भरा है। मरीजों को अस्पताल तक लाने में भारी परेशानी होगी, इसलिए पहले पक्की सड़क बनाई जाए।
नारेबाजी और धक्का-मुक्की
ग्रामीणों के अचानक विरोध से मंच पर मौजूद नेता और कार्यकर्ता संभल नहीं पाए। देखते ही देखते ग्रामीणों की संख्या बढ़ गई और उन्होंने मंच को चारों तरफ से घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पक्की सड़क की मांग पर अड़े रहे। इस बीच भीड़ में से कुछ लोग मंच के बेहद करीब पहुंच गए और नेताओं के साथ सीधी बहस होने लगी। माहौल बिगड़ता देख विधायक के सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें घेरे में लिया, जिसके बाद ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
लंबे समय से इस सड़क को पक्का करने की मांग शासन-प्रशासन से कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है।
ग्रामीण
बिना भूमिपूजन किए वापस लौटे विधायक
गांव में तनाव बढ़ता देख विधायक सखलेचा के समर्थकों और सुरक्षा बल ने उन्हें तुरंत सुरक्षित निकाला और गाड़ियों के काफिले की तरफ ले गए। ग्रामीण इसके बाद भी गाड़ियों के पीछे नारेबाजी करते रहे। विरोध के कारण अस्पताल का भूमिपूजन कार्यक्रम भी नहीं हो सका और विधायक को वापस लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चल रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जानकारी ले रहे हैं।


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