‘वक्फ बोर्ड पर सरकार की निगरानी सही, मंदिरों के दान में हेराफेरी बर्दाश्त नहीं’ नीमच में गरजे आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद – swami-kailashanand-giri-visit-neemuch-malwa-waqf-board-temple-donation-controversy-statement
निरंजनी अखाड़ा दक्षिण काली पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने नीमच को धार्मिक नगरी बताते हुए यहां के लोगों को सज्जन और कर्मठ कहा। उन्होंने वक्फ बोर्ड की मॉनिटरिंग को सरकार का सही कदम बताया और मंदिरों में दान से जुड़ी अनियमितताओं पर भी चिंता जताई…
हाइलाइट्स
- स्वामी कैलाशानंद गिरि पहली बार नीमच पहुंचे
- नीमच को धार्मिक नगरी और लोगों को सज्जन-कर्मठ बताया
- संतोष चोपड़ा परिवार की समाजसेवा की सराहना की
- वक्फ बोर्ड की सरकारी मॉनिटरिंग को सही कदम बताया
- मंदिरों में दान संबंधी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की

नीमच के लोग बेहद सज्जन और कर्मठ
मीडिया से खास बातचीत में स्वामी कैलाशानंद गिरि ने मालवा के अपने पहले अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, ‘मध्य प्रदेश तो वैसे ही भक्ति और आस्था का गढ़ है, लेकिन नीमच की इस पावन धरा की बात ही कुछ विशेष है। यहाँ के लोग अत्यंत धार्मिक, सज्जन और कर्मठ हैं।’ उन्होंने आयोजन समिति के प्रमुख संतोष चोपड़ा और उनके परिवार की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि चोपड़ा परिवार लगातार समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
वक्फ बोर्ड पर सरकार की मॉनिटरिंग को बताया सही
धर्मसभा और मीडिया संवाद के दौरान स्वामी जी ने देश के समसामयिक और धार्मिक मुद्दों पर भी बेहद बेबाक राय रखी। देश में चल रहे वक्फ बोर्ड संशोधन और अधिकारों की बहस पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार सहित शासन स्तर पर उठाए जा रहे कदम पूरी तरह सराहनीय हैं। उन्होंने कहा, ‘पूर्व में वक्फ बोर्ड को लेकर जमीनों पर अवैध कब्जे और पैसों के दुरुपयोग जैसी कई शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में अगर सरकार मॉनिटरिंग का फैसला ले रही है, तो यह स्वागत योग्य है। किसी भी धार्मिक संस्था में केवल विद्वान और योग्य लोगों को ही प्रबंधन की कमान मिलनी चाहिए।’
मठ-मंदिरों में दान की विसंगतियों पर जताई गहरी चिंता
आचार्य महामंडलेश्वर ने अयोध्या और मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर (नलखेड़ा) में दान राशि व आभूषणों को लेकर सामने आई गड़बड़ियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दो टूक कहा कि देश के मठ और मंदिर करोड़ों सनातनियों की अटूट आस्था के केंद्र हैं। अगर इन पवित्र स्थलों के वित्तीय प्रबंधन में कोई भी विसंगति आती है, तो प्रशासन को बिना देरी किए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यह जनता की आस्था का विषय है, इसलिए सरकारों को इस पर विशेष नजर रखनी होगी।
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हवाई पट्टी से नगर तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
बता दें कि स्वामी कैलाशानंद महाराज के नीमच आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। शुक्रवार को जब वे विशेष विमान से नीमच हवाई पट्टी पहुंचे, तो उनके स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान प्रसिद्ध समाजसेवी अशोक अरोरा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों ने महाराज श्री से आशीर्वाद लिया। शनिवार को टाउन हॉल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मालवा और मेवाड़ क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संत, विद्वान और श्रद्धालु मौजूद रहे।



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